Monday, November 24, 2014

I proud to be with AK

����⭕��मुझे गर्व है ��⭕����

��अगर हमें कोई कहे की यार एक देशसेवा का काम है,
2 दीन Office से छुट्टी ले सकता है ?

तो हमारे ये, वो, किन्तु, परन्तु, अगर, मगर, जैसे हज़ारो Excuses खड़े हो जायेंगे....

��मुझे गर्व है की मैं एक ऐसे इंसान के साथ खड़ा हु...

��जिसने अपनी पूरी ज़िन्दगी देश के नाम कर दी.

��मुझे गर्व है की मैं एक ऐसे इंसान के साथ खड़ा हु...

��जिसने ऐसी 2-2 नौकरियों को लात मार दी जो नौकरी पाने का सपना इस देश के करोडो युवान देखते है.

��जो 25 लाख जैसी बड़ी रकम लोगो की सेवा के लिए दान करने का कलेजा रखता हो.

��जो IAS Officer जैसे पद पे होने के बावजूद फूटपाथ पे बैठके लोगो के लिए खुद को भेट में मिली हुई चीज़े बेच सकता है.

��जो उन्ही लोगो से थप्पड़ खाता है जिनके लिए ज़िन्दगी कुर्बान कर रहा है और फिर भी हारता नहीं है, थकता नहीं है.

��जो 102 डिग्री बुखार में भी जनता को किये हुए अपने वादो को पुरा करने क़े लिए आराम नहीं करता है.

��जो अपने राज्य की औरत को न्याय दिलाने क़े लिए 4 डिग्री की हड्डी गला देने वाली ठण्ड में रात भर सड़क पे सो सकता है.

��जो इस देश की सबसे ताक़तवर शख्सियतों को चुनौती देने की बाद भी खुली छाती लेके बहादुरो की तरह दिल्ली की सडको पे खुला घूमता है

��जिस इंसान का त्याग इतना महान है की जिस कुर्सी की लिए भाई अपने भाई का कतल कर देता है उस कुर्सी को सिद्धांतो क़े लिए छोड़ने में उसे एक पल की भी देर नहीं लगती.

��जो वाराणसी की 45 Degree की धुप में 18-18 घंटे का प्रचार करने के बाद अपने बच्चो के पास जाने के बजाये जेल में चला जाता है और बैल लेने से भी इंकार कर देता है.

��मुझे गर्व है की मैं एक ऐसे इंसान के साथ खड़ा हु, जो इतना सब कर रहा है, पर उसको व्यक्तिगत रूप से कुछ हासिल नहीं होनेवाला है. जो फायदा होगा वो समाज को होगा, देश को होगा, फिर भी वो लड़ रहा है...

��मुझे गर्व है की...
मैं एक बहादुर योद्धा क़े साथ खड़ा हु,
भारत माँ क़े सच्चे सपूत क़े साथ खड़ा हु.

- आपका सेवक,
आम आदमी

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